Beauty tips and tricks
खूबसूरती का नुस्खे ।
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तैलीय त्वचा के लिए आसान टिप्स (Care Tips
For Oily Skin)
आमतौर पर त्वचा चार तरह की होती है- नॉर्मल,
ड्राय, ऑइली और सेंसेटिव। ऑइली स्किन (Oily
Skin) का मतलब है आपकी स्किन में लिपिड लेवल
यानि वसा की मात्रा ज्यादा होना। आपकी
स्किन किस टाइप की है, यह तीन फैक्टर पर निर्भर
होता है- पानी, लिपिड लेवल और संवेदनशीलता।
ऑइली स्किन अकसर हार्मोनल बदलाव की वजह से
होती है, इसका सम्बन्ध लाइफस्टाइल से भी है।
ऑइली स्किन चमकदार, मोटी और बेजान होती है।
इस तरह की स्किन वाले पुरुष और महिलाओं की
आंख के नीचे काले धब्बे आने का खतरा रहता है।
ऑइली स्किन में पोर्स (Pores) यानि त्वचा में
पाए जाने वाले छिद्र बड़े-बड़े होते हैं और सैबेकियस
ग्लैंड (Sebaceous Glands), ज्यादा सक्रिय होते
हैं। नतीजा ऐसी स्किन ऑइली हो जाती है।
क्यों होती है ऑइली स्किन की समस्या
(Reasons for Oily Skin)
माहवारी के दौरान हार्मोनल बदलाव
हर महीने मासिक धर्म के दौरान महिलाओं के
शरीर में हुए हार्मोनल बदलाव से तैलीय ग्रंथि
ज्यादा सक्रिय हो जाती है। इस दौरान निकले
एंड्रोजेन हार्मोन (Androgen Hormone) की वजह
से त्वचा में ज्यादा मात्रा में तेल निकलने लगता है,
जिससे त्वचा के छिद्र भी बंद हो जाते हैं।
तनाव से भी बढ़ती है ऑइली स्किन की
समस्या
टेंशन ज्यादा लेने से हार्मोनल संतुलन बिगड़ता है।
एक शोध के अनुसार तनाव के दौरान शरीर से
कॉर्टिसोल हार्मोन (Cortisol Hormone) का
रिसाव होता है जिस वजह से त्वचा तैलीय हो
जाती है।
गर्भनिरोधक गोलियों से भी होती है स्किन
ऑइली
आपके लाइफस्टाइल का भी स्किन की सेहत से
सीधा सम्बन्ध है। अगर आप बर्थ कंट्रोल के लिए
गर्भनिरोधक (Contraceptive) या फिर यौन
शक्ति बढ़ाने के लिए दवाइयां लेते हैं तो यह आपके
शरीर में हार्मोनल लेवल को बढ़ाता है, जो त्वचा
के ऑइली होने का कारण बनता है।
आनुवांशिकता भी है वजह
शोध में पाया गया है कि ऑइली स्किन का
सम्बन्ध जीन (genes) से भी है। अगर आपके माता-
पिता की स्किन ऑइली है तो संभव है आपकी
स्किन भी ऑइली होगी क्योंकि ऐसा देखा गया
है कि जिन लोगों की स्किन में सैबेकियस ग्लैंड
(Sebaceous Glands) सक्रिय रहती है, उनके बच्चों
की त्वचा में भी ये ग्रंथि ज्यादा सक्रिय रहती है।
और भी हैं कई कारण
डाइट
प्रसव
कॉस्मेटिक्स
गर्मी और उमस
ऑइली स्किन की देखभाल के लिये केयर टिप्स
(Tips to care Oily skin)
क्लींजिंग (Cleansing) - चेहरे के पोर्स से तेल और
गंदगी को साफ करने के लिये क्लींजर (Cleanser)
का प्रयोग करें। उसके बाद अपने चेहरे को हल्के
गुनगुने पानी से धो लें।
दिन में दो तीन बार चेहरा धोएं। हफ्ते में दो बार
फेस स्क्रब करें। इससे चेहरे की स्किन को सांस लेने में
मदद मिलेगी और चेहरे पर ब्लैकहेड्स (Blackheads)
भी नहीं होंगे।
टोनिंग (Toning) - आपका दूसरा स्टेप होना
चाहिए, चेहरे की टोनिंग करना। चेहरे पर टोनर
लगाइये जिससे स्किन के पोर्स बंद हो जाएं, नहीं
तो खुले पोर्स में गंदगी फिर से जम सकती है। टोनर
के रूप में गुलाब जल भी लगाया जा सकता है।
मॉइश्चराइजर (Moisturizer) - ऑइली स्किन
तैलीय होती है मगर इसका यह मतलब नहीं कि आप
उस पर मॉइश्चराइजर ना लगाएं। आपको वॉटर बेस
वाला मॉश्चराइजर लगाना चाहिए।
फेस मास्क (Face Mask) - फेस मास्क लगाने से चेहरे
की डेड स्किन निकल जाती है और चेहरा खिल
जाता है। बाजार से फेस मास्क खरीदने से बेहतर है
कि आप घरेलू चीजों जैसे नींबू, ओट्स, अंडा, दूध,
पपीता आदि से फेस मास्क तैयार करें।
सेहतमंद आहार खाएं (Eat Healthy Food) - ऑइली
फूड और बहुत ज्यादा फैट वाला आहार ना खाएं।
आपको खूब फल और सब्जियां खानी चाहिए और
लिक्विड डाइट में ग्रीन टी, जूस और पानी लेना
चाहिए।
और भी हैं कई स्मार्ट टिप्स (General Care Tips)
• कैलामाइन पैक में विटामिन सी टोनर मिलाकर
पेस्ट बना लें। इसे हफ्ते में तीन बार चेहरे पर लगाएं।
20 मिनट बाद चेहरा धो लें।
• मुल्तानी मिट्टी, चंदन पाउडर और नीम पाउडर
को बराबर मात्रा में गुलाबजल के साथ मिलाकर
हफ्ते में दो बार चेहरे पर लगाएं। बीस मिनट बाद
चेहरा धो लें।
• 10 से 12 गिलास पानी पिएं। मिर्च-मसाले व
फास्ट फूड आदि का सेवन कम से कम करें। सुबह
खाली पेट एक आंवला खाएं।
• चाहे जितनी गर्मी हो लेकिन अपने होठों पर
लिप बाम लगाना बिल्कुल भी ना भूलें।
• पाउडर न ही लगाएं तो बेहतर है, पाउडर लगाने से
आपको ज्यादा पसीना आता है
• अगर चेहरा ऑइली है तो अपने चेहरे से गंदगी को
हटाने के लिये स्क्रब करना ना भूलें
• लाइट आई शैडो का इस्तेमाल करें। कोई ऐसा शेड
सलेक्ट करें जो आपकी स्किन टोन से मैच खाता
हो।
• वॉटरप्रूफ मस्कारा लगाएं। वॉटरप्रूफ मस्का
पूरे दिन आंखों पर टिका रहता है।
किसी भी प्रश्न के लिए कमेंट करें ।
आगे ।
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Ayurvedic Health Tips For Skin
स्वस्थ त्वचा के लिए आयुर्वेदिक नुस्खे
(Ayurvedic Health Tips For Skin)
त्वचा पानी, प्रोटीन, लिपिड, खनिज-लवण और
रसायनों सहित कई विभिन्न घटकों से बना शरीर
का सबसे बड़ा अंग है। स्किन का औसत वजन छह
पाउंड होता है। आपकी बेहतर सेहत में त्वचा का एक
अहम रोल होता है क्योंकि स्किन के कारण ही
आप बाहरी संक्रमण और माइक्रोब्स यानि
कीटाणुओं के आक्रमण से बचे रहते हैं।
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आपकी
त्वचा हर 27 दिन में खुद को पुनर्जीवित
(Rejunuvate) करती है। लिहाजा स्वास्थ्य को
बनाए रखने के लिए त्वचा की देखभाल जरूरी है।
समय के साथ हमारी त्वचा में बदलाव दिखने लगते
हैं। इन बदलावों का कारण सिर्फ उम्र ही नहीं है।
अधूरा पोषण, सूरज की किरणें, तनाव और प्रदूषण
भी त्वचा की रंगत बिगाड़ते हैं और यह झुर्रियों
का कारण बनते हैं। त्वचा को बढ़ती उम्र के असर से
बचाना चाहते हैं तो पोषक आहार लें और तेज धूप से
बचें।
स्वस्थ त्वचा के लिए आयुर्वेदिक टिप्स
(Ayurvedic Tips for Healthy Skin)
विटामिन सी प्रचुर मात्रा में लें
आधे कटे नींबू को त्वचा पर रगड़ने से आप त्वचा को
उसकी सुरक्षा के लिए सीधे विटामिन सी की
खुराक दे सकते हैं। सूरज की परा-बैंगनी किरणें त्वचा
में विटामिन सी को नष्ट कर देती हैं। नींबू का रस
इस नुकसान की भरपाई कर देता है। यह त्वचा में
नमी बढ़ाकर झुर्रियों और समय से पहले बुढ़ापे के
असर को दूर रखता है
सब्जी और चुकंदर का जूस पिएं
सब्जियों का जूस जहां शरीर में पानी की कमी
पूरी करता है वहीं एंटीऑक्सीडेंट्स भी देता है।
रोज कम से कम एक गिलास सब्जियों का रस पियें।
चुकंदर का रस लिवर की सफाई के साथ-साथ
स्किन के लिए भी अच्छा है। यदि लिवर में विषैले
तत्व जमा हो रहे हों, तो इसका असर त्वचा पर भी
नजर आने लगता है। स्वस्थ त्वचा के लिए स्वस्थ
लिवर होना जरूरी है। गाजर, टमाटर और चुकंदर का
मिक्स जूस त्वचा और लिवर दोनों की सेहत के
लिए अच्छा है।
हरे साग का सेवन करें
स्किन को एक्ने (मुहांसों) की समस्या से दूर रखने के
लिए एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर गहरे रंग की साग-
सब्जियों को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें, इनके
सेवन से स्किन में गुलाबी निखार आयेगा, जो
आपको आकर्षक बनायेगा। टमाटर एंटी ऑक्सीडेंट
से भरपूर होता है, जो सनबर्न की समस्या के साथ
स्किन पर असमय पड़ने वाली झुर्रियों (एंटी-एजिंग)
की समस्या का भी समाधान करता है।
मेडिटेशन करें
रोजाना लगभग 15-20 मिनट का मेडिटेशन काफी
है। यह तनाव कम करता है, हार्मोन को बैलेंस रखता
है और ब्लड प्रेशर कम करता है जिससे आपकी त्वचा
भी अच्छी होती है।
बादाम का दूध पिएं
दूध से प्रोटीन और बादाम से विटामिन डी
मिलता है। यह शरीर के अन्य अंगों के साथ-साथ
त्वचा को भी फायदा पहुंचाता है।
डर्मेटोलॉजिस्ट कहते हैं कि खाली दूध पीने से
मुंहासे हो सकते हैं। ऐसे में, दूध में बादाम मिलाकर
पीना ही बेहतर होगा।
ठंडे पानी से नहाएं
ठंडे पानी से नहाएं, या फिर पांच मिनट का शॉवर
लेकर तीन मिनट के भीतर स्किन पर मॉइश्चराइजर
लगाएं।
एक्सरसाइज करें
अच्छी सेहत के लिए नियमित एक्सरसाइज सबसे
ज्यादा जरूरी है। जॉगिंग करें या टहलें, इससे रक्त
संचार सुधरता है, अतिरिक्ट फैट घटता है और स्किन
के टॉक्सिंस भी बाहर निकल जाते हैं।
पर्याप्त नींद लें
सिर्फ सोने के लिए नहीं सोएं। भरपूर नींद लें। इससे
दिमाग रिलैक्स होगा और वजन भी नियंत्रित
रहेगा। जब आप सोती हैं तो स्किन में नए कोलैजन
बनते हैं, जो फ्री-रैडिकल डैमेज रिपेयर करते हैं।
ग्रीन टी पिएं
ग्रीन टी में एंटी ऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में होते
हैं। यह पूरी बॉडी के लिए जरूरी हैं। इससे फ्री-
रैडिकल डैमेज को ठीक होने में मदद मिलती है।
एनर्जी देने के साथ ही यह वजन भी कम करती है।
स्वस्थ त्वचा के लिए इनसे बरतें परहेज
(Precautions to make your Skin Healthy)
गर्म पानी से नहाना
अधिक गर्म पानी से न नहाएं। गर्म पानी स्किन
की कोशिकाओं को कमजोर कर देता है, जिससे
स्किन खराब होने लगती है।
तनाव लेना
तनाव का आपकी स्किन पर नकारात्मक असर
पड़ता है। ज्यादा तनाव लेने से एजिंग की समस्या
आ जाती है। आंखों के नीचे काले घेरे और चेहरे पर
झुर्रियां दिखने लगती हैं।
कम वसा वाले खाना भी पहुंचाता है नुकसान
स्लिम ट्रिम होने के लिए कम वसा वाली डाइट
लेना तो ठीक है, लेकिन स्किन के लिए बिल्कुल
नहीं। इस तरह की डाइट स्किन को डल कर उसकी
चमक कम कर देती है। दरअसल, स्किन को स्वस्थ और
नमीयुक्त रखने के लिए वसा (fat) की जरूरत होती
है।
कम सोना भी स्किन की सेहत के लिए खतरा
स्किन रात को रिजनरेट होती है। इसलिए हर दिन
कम से कम आठ घंटे की नींद लेना बहुत जरूरी है। शोध
के मुताबिक, कम नींद लेने से एजिंग प्रोसेस तेज हो
जाता है, इसलिए भरपूर नींद लें।
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संवेदनशील त्वचा की देखभाल हेतु टिप्स (Care
Tips For Sensitive Skin)
क्या आपने कभी किसी खास मौसम में या किसी
एलर्जी की वजह से अपनी त्वचा पर किसी तरह के
बदलाव का अनुभव किया है? मसलन त्वचा पर
लाल-लाल चकत्तों का आना, खुजली या फिर
नोंचने-खरोंचने की इच्छा। ये सभी स्किन
सेंसेटिविटी (Skin Sensitivity) यानि त्वचा
संवेदनशीलता के संकेत हैं।
त्वचा पर एलर्जी (Skin Allergy) या बाहरी तत्वों
से बचाव के लिए एक बैरियर होता है। यह बैरियर
स्किन का pH लेवल होता है। स्किन बैरियर उन
सभी कारकों से लड़ता है जो आपकी त्वचा की
संवेदनशीलता को बढ़ाती है। स्किन बैरियर सही
ढ़ंग से काम करें इसके लिए जरूरी है कि त्वचा में
नमी की मात्रा बराबर हो। हमारी त्वचा बहुत
सारी चीजों के संपर्क में आती है। जैसे- एयर
कंडीशनर, मौसम, गर्मी, ठंड, बरसात, सूर्य की तेज
पराबैंगनी किरणें, केमिकल और धूल-गुबार इत्यादि।
त्वचा की उपरी सतह पर pH लेवल 5.5 होता है। यह
लेवल सभी तरह के बदलाव को सहन करता है।
शरीर के अंदर हो रहे हार्मोनल बदलाव से भी त्वचा
कम या ज्यादा संवेदनशील होती है। खासकर
मासिक धर्म, प्रसव, तनाव और जवानी के दिनों में
स्किन ज्यादा सेंसेटिव हो जाती है। संवेदनशील
त्वचा का प्राथमिक कारण है त्वचा का पतला
होना। अन्य भागों की अपेक्षा शरीर की त्वचा
कुछ भागों में मोटी होती है, लेकिन उम्र बढ़ने के
साथ-साथ त्वचा पतली होती जाती है। पतली
त्वचा के संवेदनशील होने का कारण है त्वचा की
गहरी परतों को तापमान और रसायनों से कम
सुरक्षा मिलना।
यदि आपकी त्वचा संवेदनशील है तो यह जानना
बेहद जरूरी है किन कारणों से त्वचा की
संवेदनशीलता बढ़ गई है। संवेदनशील त्वचा
(Sensititive Skin) पर सबसे अधिक प्रभाव मौसम
का पड़ता है इसलिए मौसम के अनुसार ही उसकी
देखभाल भी की जानी चाहिए। संवेदनशील त्वचा
की सुरक्षा का पहला और आवश्यक नियम है
सौन्दर्य उत्पादों से यथासंभव बचना, क्योंकि ऐसे
उत्पाद कठोर रासायनिक तत्वों से बने होते हैं।
हालांकि ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्हें इस बात का
नहीं पता होता कि उनकी त्वचा किस प्रकार
की है? संवेदनशील या सामान्य। तो आइए, पहले
जानते हैं कि वे कौन से संकेत हैं जो हमें हमारी
त्वचा की संवेदनशीलता का आभास कराते हैं।
संवेदनशील त्वचा के प्रारंभिक संकेत (Initial
Symptoms of SensitiveSkin)
शेव करने के बाद त्वचा रुखा हो जाना या जलन
और खुजली होना
चेहरा धोने के बाद उसमें खिंचाव महसूस करना
त्वचा अचानक ज्यादा लाल हो जाना और
मुंहासे निकल आना
मौसम के बदलाव का त्वचा पर जल्द असर
दिखना
बिना किसी बाहरी कारण के भी त्वचा में
जलन होना या खुजली होना
कुछ नहाने और कपड़े के साबुन भी ऐसे होते हैं
जिनके प्रयोग से त्वचा में जलन होने लगती है
समय से पहले झुर्रियों का आ जाना
इन वजहों से त्वचा होती संवेदनशील (Causes of
SensitiveSkin)
गंदगी और प्रदूषण
कठोर पानी
अपर्याप्त साफ-सफाई
दूषित जीवन शैली
हार्मोन
तनाव
आहार और त्वचा में नमी की मात्रा
हानिकारक स्किन केयर उत्पाद
कपड़े और गहने
होम क्लीनर
सेंसेटिव स्किन है तो ऐसे रखें स्किन का ख्याल
(Care Tips for SensitiveSkin)
जांच- परखकर ही कॉस्मेटिक का इस्तेमाल करें
धूल-मिट्टी और केमिकल से त्वचा को बचा कर
रखें
ठंड में हमेशा मुलायम ऊन के स्वेटर पहने।
सिन्थेटिक ऊन से स्किन में एलर्जी हो सकती है।
सौन्दर्य उत्पाद खरीदते समय लेबल को देख लें
अगर वह संवेदनशील त्वचा के लिए है तभी ही
खरीदें।
हर्बल और नेचुरल सौन्दर्य उत्पादों का इस्तेमाल
करें।
धूप में निकलने से पहले चेहरे पर सनस्क्रीन क्रीम
या लोशन लगा लें।
बालों में कंघी के लिए कड़े बालों वाले ब्रश का
इस्तेमाल नहीं करें।
तेज परफ्यूम वाले साबुन या डिटरजेंट के प्रयोग
से परहेज करें।
परफ्यूम या आफ्टर शेव लोशन खरीदते समय
उसको अपनी त्वचा पर स्प्रे कर परख लें। अगर
स्किन सेंसेटिव है तो स्किन में इचिंग हो सकती
है।
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डार्क स्किन से निपटने के लिए घरेलू उपाय
(Home Remedies For Dark Skin)
स्किन का डार्क या फेयर होना स्किन पिगमेंट
मेलानिन (Skin Pigment Melanin) पर निर्भर
करता है। मेलानिन ही स्किन के टोन और रंग का
निर्धारण करता है। जिस स्किन में ज्यादा मात्रा
में मेलानिन निकलता है वह ज्यादा दमकती है और
जिसमें कम मेलानिन निकलता है वह त्वचा ज्यादा
सांवली दिखती है। जिस स्किन में कम मात्रा में
मेलानिन निकलता है उसे हाइपोपिगमेंटेड स्किन
(Hypo-pigmented Skin) )कहते हैं।
डार्क स्किन हाइपोपिगमेंटेड स्किन है क्योंकि
इसमें मेलानिन पिगमेंट की मात्रा कम होती है और
जिसके कारण त्वचा का रंग सांवला या काला हो
जाता है और कोई ग्लो नहीं रहता है। हालांकि,
आजकल प्रदूषित वातावरण में भी धूप के कारण
त्वचा का रंग सांवला या काला पड़ जाता है।
जिसे सनटैन कहते हैं। स्किन ज्यादा डार्क होना
या ग्लो होना कोई बीमारी का संकेत नहीं है।
डार्क स्किन वालों को अधिक देखभाल की जरूरत
होती है। इतना ही नहीं बाहरी देखभाल के साथ
अपने शरीर को दूसरे तरीकों से पोषण देना भी
जरुरी है। डार्क स्किन सिर्फ मेलानिन की ही
कमी की वजह से ही नहीं होती है। सिगरेट और
शराब के सेवन से भी त्वचा का रंग ऐसा हो जाता
है।
स्किन डार्क होने की वजह (Causes of Dark
Skin)
चोट
तिल
घातक मेलेनोमा
मस्सा
हाइपोपिगमेंटेशन
धूप में ज्यादा रहना
सनबर्न या सनटैन
रेडिएशन थैरेपी
इंडोक्राइन ग्लैंड या अंतःस्रावी ग्रंथि के रोग
एडिसन रोग
लिवर की बीमारी
पेट के विकार
कुपोषण
विटामिन की कमी
पोस्ट सर्जरी
प्रसव के बाद चेहरा भूरा हो जाना
डार्क स्किन में ग्लो लाने के घरेलू उपाय (Home
Remedies for Dark Skin)
धूप में निकलने से आधा घंटे पहले सनस्क्रीन
(एसपीएफ30) अवश्य लगाएं।
नींबू त्वचा की रंगत निखारता है। यह डार्क
स्पॉट्स को भी कम करता है। यह स्किन पर आई
झांइयों को भी दूर करता है।
नींबू और दूध के साथ शहद मिलाने पर यह काफी
कारगर हो जाता है। इस कांबीनेशन वाले लेप से
स्किन में ग्लो आती है। शहद को खीरे के रस और
दही के साथ भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
ओटमील के इस्तेमाल से त्वचा के छिद्र में अटकी
हुई धूल और गंदगी निकल जाती है। ओटमील,
हल्दी मे पानी मिलाकर लेप बनाएं। त्वचा पर
इस लेप को लगाएं। सूख जाने पर गुनगुने पानी से
धो दें। त्वचा में निखार आएगा।
टमाटर के उपयोग से स्किन की रंगत निखरती है।
यह त्वचा को गुलाबी रंगत देता है। यह त्वचा से
तेल को सोखकर बंद हुए छेद को खोल देता है।
आलू एक नैचुरल ब्लीचिंग एजेंट की तरह काम
करता है। यह स्किन के टोन को निखारता है।
आलू का फेस पैक घर पर आसानी से बना सकती
हैं।
चंदन त्वचा को शीतलता प्रदान करता है। यह
स्किन इन्फेक्शंस, रैशेज़, बदरंग त्वचा, डार्क
स्पॉट्स और दूसरी समस्याओं को भी दूर करता
है।
और भी हैं कई स्मार्ट टिप्स (Care Tips for Dark
Skin)
बेसन और हल्दी को पानी में मिलाकर लेप
बनाएं। इस लेप को चहरे पर लगाएं व सूखने पर
पानी से धो लें।
पके हुए पपीते का पेस्ट बना लें। इससे चेहरे की
मसाज करें व 10 मिनट बाद धो लें। चेहरे दमकता
हुआ नजर आएगा
चंदन पाउडर और गुलाब जल का लेप बनाकर चेहरे
पर लगाएं। फिर पानी से धो लें। काफी फायदा
होगा।
एक चम्मच दही में आधा चम्मच नींबू का रस
मिलाकर चेहरे पर लगाएं व सूखने पर सादे पानी
से धो लें। त्वचा की रंगत निखर कर आएगी
कच्चे नारियल का सफेद भाग पीस कर घोल
बना लें। इसे चेहरे या धूप से सांवली हुई त्वचा पर
लगाएं व बीस मिनट बाद सादे पानी से धो लें।
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ग्लोइंग स्किन के लिए आवश्यक पोषण (Food
And Nutrition For Glowing Skin)
त्वचा हमारी आंतरिक सेहत का आईना है। स्किन में
ग्लो यानि चमक दो तरह की होती है। एक
आंतरिक चमक और दूसरी बाहरी चमक। बाहरी
चमक कॉस्मेटिक से आती है जो टिकाऊ नहीं
होती है और आंतरिक चमक, जो हमेशा दमकती
रहती है और दूर से ही दिखाई पड़ती है वो हमारी
अच्छी सेहत से आती है।
शरीर के अंदर हार्मोनल असंतुलन, पोषक तत्वों की
कमी, विषैले तत्वों की मौजूदगी के अलावा तनाव
और प्रदूषण स्किन की चमक को कम करते हैं। बेजान
त्वचा या कम उम्र में स्किन पर एजिंग साइन
दिखाई देना ऐसी समस्याएं हैं, जिसका इलाज हम
कॉस्मेटिक्स का उपयोग करके करना चाहते हैं। यहां
यह जानना जरुरी होगा कि स्किन को ग्लोइंग
बनाने का काम सिर्फ कॉस्मेटिक्स से नहीं किया
जा सकता है। इसके लिए शरीर का स्वस्थ होना
बहुत जरूरी है। इसलिए शरीर को स्वस्थ और स्किन
को ग्लोइंग बनाने का सबसे आसान तरीका
प्रकृति और योगासन में ही है।
ग्लोइंग स्किन के लिए आवश्यक पोषक तत्व
(Nutritional Elements for Glowing Skin)
आप जो खाते हैं उससे शरीर के साथ-साथ त्वचा
को भी पोषण मिलता है। जंक फूड और तैलीय
खाना आपकी त्वचा की सेहत को बिगाड़ सकता
है। इसलिए विटामिन ए, बी1 और बी2 से भरपूर
डाइट यानि हरी सब्जियां, फ्रूटस, सलाद जरूर लें।
यह रक्त को साफ करने और त्वचा को हाइड्रेट करने
में भी मदद करता है। कच्चा भोजन यानि फल और
सलाद का सेवन त्वचा को हाइपर-पिगमेंटेशन और
मुहांसों से बचाता है।
सिलिकॉन (Silicon) - यह त्वचा को मुलायम व
लचीला बनाता है और झुर्रियों को कम करता है।
शरीर में सिलिकॉन की कमी को पूरा करने के लिए
मूली, शिमला मिर्च और खीरा खाएं।
जिंक (Zinc) - यह मुंहासों को कम करता है और
स्किन को ऑयली होने से बचाता है। लौकी,
नारियल, सीताफल और सूरजमुखी के बीज इसके
अच्छे स्रोत हैं।
औमेगा 3 फैटी एसिड (Omega 3 Fatty Acid) -
यह त्वचा की कोशिका को मजबूती प्रदान करता
है और स्किन के सेल में हुई टूट-फूट की मरम्मत भी
करता है। औमेगा 3 फैटी एसिड मछली के तेल और
समुद्री शैवाल में पाया जाता है।
ग्लोइंग स्किन की देखभाल (Care for Glowing
Skin)
ज्यादा स्क्रब करना भी त्वचा को पहुंचाता है
नुकसान
महिलाओं की त्वचा काफी मुलायम होती है
इसलिए इसे रगड़ने की भूल गलती से भी ना करें।
रगड़ने से त्वचा पर लाल-लाल चकत्ते आ सकते हैं।
त्वचा को हमेशा हल्के हाथों से पोंछें।
नियमित देखभाल
समय-समय पर अपने चेहरे को फेस वॉश से धोएं। अगर
आपकी स्किन ऑयली है तो टोनर का उपयोग करें।
मेकअप हमेशा क्लींजर से साफ करें और त्वचा की
मॉश्चयराइजिंग पर ध्यान दें।
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इन 6 तरीकों से करें मेकअप (Top 6 Makeup
Tips)
नैन-नक्श को कौन नहीं संवारना चाहता। घर में हैं
तो कोई बात नहीं, मगर पार्टी में जाना हो,
शॉपिंग करने जाना हो या फिर ऑफिस तो
मेकअप जरूरी है। अगर मेकअप के सभी टिप्स के बारे
में आपको बारीकी से जानकारी है तो आप
आसानी से अपने चेहरे पर से कील-मुहांसे, झाइयां,
दाग-धब्बे और यहां तक की एजिंग के निशान को
भी छिपा सकते हैं।
इस बात को ध्यान में रखें कि हेवी मेकअप कभी भी
आपके चेहरे को स्मार्ट और यंग लुक नहीं दे सकता है।
मेकअप हमेशा लाइट ही होना चाहिए। हेवी मेकअप
स्किन की सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
सिंपल और लाइट मेकअप के तीन ही मंत्र हैं -
सनस्क्रीन, मस्कारा और लिप ग्लॉस। आइए जानते
हैं मेकअप के छह आसान टिप्स (Make up Tips), जो
आपकी खूबसूरती में निखार लाएंगे।
सनस्क्रीन से शुरुआत करें (Start with Sunscreen)
यंग लुक के लिए चेहरे की त्वचा पर ओस की बूंदों
की तरह ताज़गी और आभा होनी जरूरी है। चाहे
बरसात हो या तेज धूप, चेहरे पर हर दिन सबसे पहले
सनस्क्रीन लगाने की आदत डालें।
अगर आपकी त्वचा शुष्क है तो टिंटेड मॉइश्चराइजर
जिसमें सनस्क्रीन (SPF 50) भी हो, लगाएं। यह
फाउंडेशन का काम करेगा। अगर आपकी स्किन
ऑयली है तो चेहरे को गुनगुने पानी से धो कर सुखा
लें और फिर उसके बाद सनस्क्रीन लगाएं।
कंसीलर (Concealer)
कंसीलर चेहरे के मुहांसों, दाग-धब्बों और आँखों के
नीचे डार्क सर्कल को छिपाने के लिए बेस्ट है।
ध्यान रहे हमेशा स्किन टोन से मेल खाती हुई
कंसीलर ही इस्तेमाल करें। इसे बीच वाली उंगली
यानि रिंग फिंगर के पोर में लेकर चेहरे पर लगाएं।
फिर उसे स्पॉन्ज से फैलायें।
कंसीलर को चेहरे के उसी स्पॉट पर लगाएं जहां
इसकी ज्यादा जरुरत है। मसलन आंख के नीचे, नाक
के बगल में और गालों पर। अगर उंगलियों से खास
स्पॉट पर कंसीलर लगाना मुश्किल हे तो ब्रश का
इस्तेमाल किया जा सकता है।
ध्यान देने योग्य बातें (Things to Check with
Concealer)
त्वचा शुष्क है तो लिक्विड कंसीलर लगाएं।
दाग-धब्बों को छिपाने के लिए सॉलिड
कंसीलर सबसे अच्छा होता है।
लिक्विड या क्रीम बेस्ड फाउंडेशन लगाने के
बाद कंसीलर लगाएं।
कंसीलर ज्यादा न लगाएं। कंसीलर का मतलब
चेहरे पर हलका टिंट देना है न कि मास्क
लगाना।
फाउंडेशन (Foundation)
चेहरे पर टिंटेड मॉइश्चराइजर या फांउडेशन लगाएं।
फांउडेशन लगाने के लिए फोम स्पंज का यूज कर
सकती हैं। फांउडेशन वहीं लगाना चाहिए जहां
स्किन के कलर में फर्क नजर आता हो।
जाड़े के दिनों में गाल की त्वचा भी ड्राय हो
जाती है और त्वचा अपनी कुदरती रंग खो देता है।
इन दिनों में गाल पर भी टिंटेड मॉइश्चराइजर या
फांउडेशन लगा सकती हैं। फाउंडेशन स्किन टोन में
चमक लाती है।
ध्यान देने योग्य बातें (Things to Check with
Foundation)
ध्यान रहे फाउंडेशन आपकी स्किन टोन से एकदम
मेल खाता हुआ होना चाहिए।
चेहरे पर ग्लो लाने के लिए फाउंडेशन लगाने से
पहले मॉश्चराइजर लगाएं।
स्किन टोन डार्क है तो उसे लाइट कलर
फांउडेशन से नहीं छिपाएं।
पीली रंगत वाली त्वचा पर लाइट ऑरेंज टिंट
वाला फाउंडेशन लगाना चाहिए।
ब्लश या ब्रोंजर (Blush or Bronzer)
ब्लश गालों की शेप और चेहरे की रंगत को उभारता
है। इसे आमतौर पर डिंपल यानि गालों के उभार
वाले हिस्से को गुलाबी लुक देने के लिए लगाया
जाता है। ब्लश लगाने को लिए हाइलाइटर पेन या
ब्रश का इस्तेमाल कर सकती हैं।
ध्यान देने योग्य बातें (Things to Check with
Blush or Bronzer)
ब्लश हमेशा स्किन टोन को ध्यान में रख कर
लगाएं।
यदि आपकी गुलाबी स्किन टोन है तो नेचुरल
कलर ब्लश लगाएं।
पाउडर ब्लश लगाने में ब्रश का इस्तेमाल करें।
क्रीम ब्लश लगाने में स्पंज का इस्तेमाल करें।
मेकअप किट में 3-4 शेड के ब्लश कलर्स रखें, जैसे-
रोज पिंक, नेचुरल पिंक, पिंक और बैंगनी।
आइलाइनर, आईशैडो और मस्कारा (Eyeliner,
Eyeshadow and Mascara)
चेहरे को फिनिशिंग लुक देने के बाद आंखों के मेकअप
की बारी आती है। चेहरे की सुंदरता में आंखों की
खूबसूरती चार चांद लगाती है। आंखों की सुंदरता
पलकों को आउटलाइन करने या पलकों में उभार
लाने से आती है। यह उभार आईलाइनर लगाने से
आता है।
आईलाइनर लगाने के कई तरीके हैं, मेकअप एक्सपर्ट
की भाषा में आंखों की सुंदरता को तीन भागों में
बांटा गया है- बेसिक आई (Basic Eye), स्मोकी
आई (Smoky Eye) और कैट आई (Cat Eye)।
बेसिक आई के लिए ऊपर और नीचे की पलकों पर
आईलाइनर लगाना होता है। आंखे छोटी हों या
बड़ी, आईलाइनर या पेंसिल से उसे बड़ा या छोटा
का लुक दिया जा सकता है। आई शैडो भी लगा
सकती हैं। मस्कारा आंखों की पलकों को घना
करता है। इसे लगाने से आंखे बड़ी और खूबसूरत
दिखती हैं। मस्कारा आईलैशेज (Eyelashes) के नीचे
लगाई जाती है।
ध्यान देने योग्य बातें (Things to Check with
Eyeliner, Eyeshadow and Mascara)
आंखें छोटी हैं तो आईलाइनर ऐसे लगाएं जिससे
आईब्रो पतली दिखें। आई शैडो आई लिड के
साथ-साथ नीचे की आईलैशेज पर भी लगाएं।
ऊपर और नीचे दोनों तरफ काजल पेंसिल लगाएं।
अगर आंखें अंदर की ओर धंसी हुई हैं तो आंखों में
उभार लाने के लिए आंखों के ऊपर और नीचे
दोनों लिडस पर काजल पेंसिल लगाएं। आईब्रो
के बोन पर डार्क कलर का आई शैडो लगाएं।
आंखें ज्यादा बड़ी हैं तो आई लिड पर गहरे रंग
का आई शैडो लगाते हुए उसे ऊपर आईब्रो की
तरफ ब्लेंड कर दें।
लिप लाइनर, लिप ग्लॉस, लिप बाम या
लिपस्टिक (Lip Liner, Lip Gloss, Lip Balm or
Lipstic)
होठों को किस तरह का ट्रीटमेंट देना है ये आप पर
निर्भर करता है। कोई सिर्फ लिप लाइनर से काम
चला लेता है तो कोई होठों पर कलरफुल लिप
ग्लॉस लगाता है और कोई लिप बाम। मेकअप
एक्सपर्ट की मानें तो लिपस्टिक से बेहतर कलरफुल
लिप ग्लॉस है।
सिल्की और नॉनस्टिकी लिप ग्लॉस से होठ नर्म
रहते। लिप ग्लॉस में मौजूद विटामिन-ई होठों पर
पपड़ी नहीं बनने देती है और होठ खूबसूरत दिखाई
देते हैं।
ध्यान देने योग्य बातें (Things to Check with
Lip Liner, Lip Gloss, Lip Balm or Lipstic)
मोटे होठों पर कभी भी लिप ग्लॉस नहीं
लगाएं, इससे होठ अधिक मोटे दिखने लगते हैं।
अगर होठ मोटे हैं तो होठों के किनारे पर लिप
लाइनर लगा कर लिप्स को सिर्फ हाइलाइट
करें।
लिप्स के दोनों किनारे पर कंसीलर लगाने से लुक
अच्छा आता है।
पिंक और उससे मिलते जुलते लिप ग्लॉस के शेडस
लिप्स पर बहुत खिलते हैं।
लिपस्टिक लगाने के बाद लिप ग्लॉस का कोट
लगाएं।
अगर होंठों का आकार ठीक नहीं है तो होठों
के किनारे को लिप लाइनर पेंसिल से हाइलाइट
कर पहले शेप दें। ऐसे होठों पर एक ही कलर के दो
शेड वाली लिपस्टिक लगाएं। डार्क शेड से होठ
के मोटे भाग को भरें और लाइट शेड से पतले भाग
को।
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लिप सर्जरी से पायें खूबसूरत होंठ (Lip
Augmentation Surgery For Beautiful Lips)
भरे हुए, और मांसल होंठ अच्छे स्वास्थ्य और सुंदरता
की निशानी माने जाते हैं। आपके होंठ प्राकृतिक
तौर पर पतले और दबे हुए हों या बढ़ती उम्र के कारण
ऐसा हुआ हो, आपके पास उन्हें खूबसूरत बनाने के कई
तरीके हैं।
कॉस्मेटिक सर्जरी के अंतर्गत आने वाले लिप
इंजेक्शन (Lip Injection) में आर्टिफिशल या
प्राकृतिक फिलर भरकर होंठो में इंजेक्ट किया
जाता है जिससे आपके होंठ भरे हुए लगने लगते है।
लेकिन ऐसा कुछ महीनों तक हो सकता है क्योंकि
यह एक अस्थाई तरीका है जबकि स्थाई तरीके के
लिए इम्प्लांट (Implant), लिप लिफ्ट (Lip Lift),
वेरमिलीअन एडवांसमेंट (Vermilion Advancement)
या परमानेंट मेकअप (Permanent Make-up)
करवाया जा सकता है।
लिप सर्जरी की जरूरत क्यों? (Need of Lip
Augmentation Surgery)
यदि होंठ बहुत पतले हों, हँसते समय लगभग अदृश्य
हो जाते हों।
बढ़ती उम्र के साथ होंठ के किनारे लटकने लगे
हों।
आपको लगता हो कि आपके चेहरे पर मोठे होंठ
ज्यादा बेहतर दिखेंगे।
आप अपने होंठो को लेकर सेल्फ कॉन्शियस हैं।
लाभ (Benefits of Lip Augmentation Surgery)
कुछ लिप इंजेक्शन अस्थाई होते हैं जिन्हें अपनी
सुविधा के अनुसार कराया जा सकता है। यदि
आपको होठों में बदलाव पसंद आये तो दोबारा
करा सकती हैं अन्यथा पहले जैसा आकार वापस आ
जाएगा।
स्थाई परिणाम के लिए इम्प्लांट और सर्जरी जैसे
विकल्प मौजूद हैं। जिससे बार इंजेक्शन के प्रोसेस से
नहीं गुजरना पड़ेगा।
इंजेक्शन में बहुत जल्द मात्र एक दिन में रिकवरी
संभव है जबकि होंठ की किसी भी सर्जरी में मात्र
एक हफ्ते का समय लगता है।
नुकसान (Disadvantaged of Lip Augmentation
Surgery)
अस्थाई फिलर में कुछ महीनों में दोबारा
इंजेक्शन लगवाने पड़ते हैं।
लिप असिमेट्री संभव है।
एक बार इम्प्लांट होने के बाद दोबारा इसे
हटाना मुश्किल है।
लिप एनहांसमेंट के प्रकार (Type of Lip
Augmentation Surgery)
1- फैट ट्रान्सफर इंजेक्शन (Fat Transfer
Injection)
आपके अपने शरीर के चर्बी वाले हिस्से से वसा लेकर
होठों में इंजेक्ट की जाती है जिससे होंठ भरे हुए
और मोटे नज़र आते हैं। जाहिर तौर पर ऐसा कर के
आप अपने चेहरे की खूबसूरती बढ़ा सकती हैं।
2- फिलर इंजेक्शन (Filler Injection)
फिलर प्राकृतिक या अप्राकृतिक
बायोकम्पेटिबल मटेरियल से बने होते हैं जो कि फैट
सब्सीट्यूट की तरह काम करते हैं। इन्हें होंठो में
इंजेक्ट कर पतले होंठो को मांसल दिखाया जा
सकता है। इसका एक ट्रीटमेंट काफी होता है।
हालाँकि यह अस्थाई है।
3- डर्मल ग्राफ्ट सर्जरी (Dermal Graft Surgery)
इसके लिए त्वचा की गहरी परत में जाकर वसा ली
जाती है जिसे होंठों के किनारे यानी मोस्कोसा
के अंदर भर दिया जाता है जिससे होंठ भरे हुए नज़र
आएं। इसे करवाने के बाद होंठ सही शेप में आ जाते
हैं।
4- वेरमिल्लियन एडवांसमेंट सर्जरी (Vermilion
Advancement Surgery)
इसमें होठों के किनारे को ऊपर की ओर खींच कर
होंठो का हिस्सा बढ़ाया जाता है। जिससे होंठ
चौड़े हो जाते हैं और ज्यादा उभरे हुए नज़र आते हैं।
यह आपके चेहरे पर चार चांद लगा सकते हैं।
5- लिप इम्प्लांट सर्जरी (Lip Implant Surgery)
यह मुंह के अंदर की ओर की जाने वाली सर्जरी है।
जिसके लिए बहुत से प्राकर्तिक और अप्राकृतिक
विकल्प मौजूद हैं। इसमें मुँह के अंदर की तरफ से
इंप्लांटेशन की जाती है। इस सर्जरी से आपकी हंसी
लाजवाब बन जाएगी।
6- लिप लिफ्ट सर्जरी (Lip Lift Surgery)
यह लटके हुए और उम्र के प्रभाव से झुके हुए होंठो
को उठाने के लिए की जाती है। इसमें होंठो के
नीचे की ओर झुके हुए किनारों को ऊपर उठाया
जाता है तथा होंठो को सही आकार दिया
जाता है। इसकी मदद से आप ढलती उम्र से थोड़ी दूर
हो जाएंगी।